संवाद
हाल ही में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है उससे हम सभी भली भांति परिचित है। इसने जहां एक ओर विश्व में भारत की छवि को और प्रगाढ़ किया है वहीं हमें विचार करने के कई सारे दृष्टिकोणों से भी रुबरू कराया है जो हम सभी के अपने अपने अनुसार अलग-अलग हो सकता है। वह चाहे ISRO की मेहनत का हो या निरंतर प्रयासरत रहना हो या फिर भारत का अंतरिक्ष के क्षेत्र में बढ़ता वर्चस्व हो किंतु इस सबके साथ जो एक अन्य दृष्टिकोण उभरता है वह है संवाद यानी संपर्क। हम सभी जानते हैं की पिछले साल मिशन चंद्रयान 2 के पूर्णरूप से सफ़ल न होने का एक ही कारण था कि लैंडर से हमारा संपर्क टूट चुका था और इस बार मिशन चंद्रयान 3 की सफलता के मायने भी कहीं न कहीं संपर्क यानी संवाद पर ही टिके हैं, लैंडर हमें अगले 14 दिनों में चांद की जो भी जानकारियां भेजेगा उसका अध्ययन करके चांद के अन्य रहस्यों के बारे में भी पता किया जाएगा। यह तो बात हुई चंद्रयान की जो खुद में विलक्षण है, अदभुत है। किंतु यदि इसी को जीवन से जोड़कर देखें तो हमें यहां संवाद के असल मायने पता चलते है। सं...