"सावन की पहली बारिश"

 "सावन की पहली बारिश"
 
जब तपतपाती गर्मी से झुलस कर,
पहुंचते है जब सावन में, 
तब मौसम की पहली बारिश होती है...
एक नवजीवन की तरह,
जो भर देती सृष्टि को नई ऊर्जा से,
बारिश की पहली बूंदों के साथ आती
मिट्टी की भीनी भीनी खुशबू,
फिर से तरोताजा कर देती है
हम सबके तन और मन को।
बारिश का यह मनलुभावन शोर, 
मन को फिर से आनंदित कर देता है।
छोटे-छोटे बच्चों की टोलियां तैयार
हो जाती है अपने कागज के
जहाजों के साथ अपने सपनो के
जहाज चलाने के लिए।
हर तरफ बढ़ती हरियाली,
आंखो को सुकून से भर देती है।
हरे भरे झूमते पेड़ को देख,
धरा फिर से मुस्कुरा देती है..,
जीव जंतु और पशु पक्षीयों
को भी नवगान से भर देती है।
सचमुच सावन की पहली बारिश,
सृष्टि को जीवन दान देके जाती है।

प्राची डिमरी

 

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