जीवन में गणित की महत्ता।

गणित यानी गणना, बड़े बड़े सवाल और मुश्किल भरे प्रश्न। गणित का नाम सुनते ही हम में से अधिकतर के मन में यही विचार उठता है। यह गणित को उपरी तौर पर देखने के कारण है। गणित मात्र गणनाओ से भरा नहीं है बल्कि यह एक तार्किक दृष्टिकोण और निरंतर जिज्ञासु बने रहने की प्रवृति की ओर इंगित करता है। गणित में जितनी भी मुश्किल प्रश्नों की खोज की गई वह जिज्ञासु प्रवृति और तार्किक दृष्टिकोण के ही फलस्वरूप हुई है। असल मायनों में जब गणित को समझने की कोशिश की जाती है तब हम अपनी दैनिक जीवन में इसकी महत्ता को समझ पाते हैं। गणित के जरिए हम प्रकृति के कई गहरे रहस्यों को जान सकते हैं। प्रकृति को एक बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। कहा भी जाता है गणित ब्रम्हांड की भाषा है। प्रकृति के अनेक संकेतों में हमें गणित की झलक मिल जाती है।
   गणित जहां प्रकृति के संबंध को बताता है वहीं दूसरी ओर गणित आध्यात्मिकता में भी पीछे नहीं है। गणित    की(3n+1) (Collatz Conjecture)          समस्या जिसमें हमें अनेक संख्याएं मिलती हैं पर अंतिम संख्या के रूप में हमें 1 ही मिलता है। यदि इसे आध्यात्मिकता से जोड़ें तो इसका यही अर्थ निकलता है की हम सबका अंत भी एक ही है और हमारे जीवन की शुरुआत भी एक ही है। यदि दूसरे शब्दों में कहें तो यह ऊर्जा को भी परिभाषित करता है की ऊर्जा हमेशा एक जैसी रहती है अर्थात् स्थिर (constant) रहती है।  यदि हम कहें गणित और आध्यात्मिकता कोई अलग पहलू नहीं हैं तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी।
    प्रकृति के अन्य भी कई पहलू हैं जो गणित से जुड़े हैं जैसे एक विशेष प्रजाति की मक्खी जो 15 या 17 सालों में धरती से बाहर आती हैं तो यदि हम प्रश्न करे कि यह 15 और 17 ही क्यूं 16 और 18 क्यूं नहीं तो हम जवाब पाते हैं की यदि वह इन सम वर्षों में बाहर आती है तो उसको प्रभक्षियों द्वारा खाएं जाने की संभावना बढ़ जाती हैं। यहां भी हम देख सकते हैं गणित के अभाज्य संखाएं ( prime numbers) की कितनी बड़ी भूमिका हैं।
     इसी के साथ आज गणित क्रिप्टो के क्षेत्र में भी  अपनी अहम भूमिका निभा कर हमारे जीवन को आसान बनाता जा रहा है। आज वर्तमान समय में गणित की भूमिका एवं योगदानों से परिचित होने की जरूरत है। गणित को केवल संख्याओं के और सवालों के रूप में न देखकर अपने दैनिक जीवन और प्रकृति को समझने के एक जरिए के रूप में देखना चाहिए। गणित और जीवन को जोड़कर देखने की ज़रूरत है।

प्राची डिमरी

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