छोटे-छोटे लम्हों में बड़ी-बड़ी खुशियां।
मनुष्य का अस्तित्व ही तब है जब जीवन का होना पर कभी न कभी यह सवाल उठता ही है जब हम खुद से सवाल करते हैं की आखिर जीवन क्या है और हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है? देखा जाए तो जीवन एक कोरी किताब या कैनवास की भांति है जिसका हर एक पन्ना और हर एक रंग कैसा होगा यह हमारे ऊपर ही निर्भर करता है। इसी के साथ हर किसी केे जीवन
का उद्देश्य भी अलग अलग होता है किंतु असल मायनों में देखा जाए तो खुद खुश रहना और दूसरों को भी खुश रखना हमारे जीवन का असली उद्देश्य है। हर एक खुशी की तलाश में अपने सफ़र चुनता है और इसी खुशी की तलाश में हम सब अपने सपने बुनते हैं अपनी राह चुनते हैं और निकल पड़ते हैं अपने जीवनरूपी कैनवास में रंग भरने। रंग जितने चटकदार होंगे चित्र उतना ही बेहतर बनकर उभरता है। लेकिन अपनी जीवन की कोरी किताब को भरने की जल्दबाजी में,जल्द से जल्द अपनी मंज़िल तक पहुंचने की होड़ में हम छोटी - छोटी चीजों का आनंद उठाना ही भूल जाते हैंं, छोटी चीजों की महत्ता को ही अनदेखा कर देते हैं और इसी कारण जीवन को जब हम मुड़कर देखते हैं तो हमें एक खालीपन नज़र आता है।
हम हमेशा ही भूल जाते हैं की जिन लम्हों को हम अभी जी रहे हैं वो लम्हें, वो वक्त लौटकर नहीं आएगा।
उन छोटी छोटी खुशियों के पलों को हम यूंही गंवा देते हैं पर हम भूल जाते हैं की यहीं वे पल हैं जिनको संजोने से जीवन में विशालता आती है। अपने भविष्य को संवारना जितना ज़रूरी उतना ही ज़रूरी है जीवन की विशालता को सूक्ष्मता में देखना। हम अपने कल को संवारने में अपने आज का आनंद नहीं ले पाते।
यदि कभी हम गहराई से सोचें तो हमें जीवन के सभी उपहार नज़र आने लगते हैं। तब हमें जो चीजें मुश्किलों के रूप में नज़र आ रहीं थी कुछ पल के लिए ही सही वो मुश्किल ही नहीं लगती। आसान शब्दों में कहें तो ज़िंदगी आसान सी लगने लगती है और यहीं अनुभूति हृदय को एक नई ऊर्जा और रोमांच से भर देती है। शरीर में स्फूर्ति का प्रवाह होने लगता है और लगता है मानों प्रकृति की हर एक वस्तु हमसे बात कर रही है, हमारी मदद कर रही है पर इन छोटे लम्हों में छुपे आनंद के उन बड़े हिस्सों को हम तभी खोज पाते हैं जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से शांत हो, संतुलित हो और अपनी दिनचर्या और कार्यों के प्रति ईमानदार हों। छोटी - छोटी चीजें ही मिलकर जीवन में संपूर्णता लाती हैं। इनमें छुपे रहस्य और आनंद ही इन्हें अद्भुत बनाते हैं। जब हम इन्हें पहचान कर इनकी महत्ता को समझ लेते हैं तब हम सही मायनों में जीवन का आनंद उठाने लगते हैं।
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