मुक्तछंद कविता
हम सब भी इतिहासकार हैं अपने जीवन के, हमारे पास मौजूद है, वह कर्म रूपी कलम जिससे लिख सकते हैं हम अपने जीवन का महान इतिहास...., रच सकते हैं अपने भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज, उन सीखों से जो हमने सीखी हैं जीवन के अलग अलग मोड़ पर, जीवन से लड़ते झगड़ते, सुख और दुख में, हंसी और मज़ाक में, प्रेम और वियोग में और बना सकते हैं उन सभी सीखों की सीढ़ी नई पीढ़ी के लिए.., जिसके एक एक पायदान को चढ़कर वो जान सके.. जीवन को..., समझ सके जीवन को, रच सके अपना स्वर्णिम भविष्य...! प्राची डिमरी