थैंक यू.....!
थैंक यू यानी साधुवाद यह शब्द न जाने आजकल हम एक ही दिन में कितनी बार बोलते होंगे और किस किस से बोलते होंगे। लेकिन जो इसके असली हकदार होते हैं काश! हम कभी उन्हें भी बोल देते। घर हो या समाज जो लोग अपना काम बिना कहे ही कर देते हैं हम मानो उनकी कद्र करना ही भूल जाते हैं। उनकी महत्ता को ही अनदेखा कर देते हैं। यदि समाज में ही देखे तो ऐसे अनेक लोग हैं जो यदि न होते तो हमारी जिंदगी अभी जितनी आसान हो गई है उतनी शायद ही कभी हो पाती । किंतु प्रश्न यह है की हम इस पर कितना सोच पाते हैं? आज कल की ही बात ले लीजिए हम सभी जानते हैं की बरसात का दौर है हर तरफ बारिश और पानी का कहर जारी है, कहीं जल भराव तो कहीं भूस्खलन । यदि हमारे पहाड़ों की ही बात करें तो यातायात का बाधित होना हमारी सबसे प्रमुख समस्या बन जाती है सड़कों का टूटना या अवरूद्ध होना, गाड़ियों का लंबे लंबे कतारों में जाम में फंसे होना। यूं तो यह सब मौसम की देन, प्रकृति का कहर और हमारे ही कृत्यों का परिणाम है किंतु यदि इसी के दूसरे पहलू पर नज़र डाले तो सचमुच हृदय सहानुभूति की भावना से भर जाता है मन एक व...