जीवन में गणित की महत्ता।
गणित यानी गणना, बड़े बड़े सवाल और मुश्किल भरे प्रश्न। गणित का नाम सुनते ही हम में से अधिकतर के मन में यही विचार उठता है। यह गणित को उपरी तौर पर देखने के कारण है। गणित मात्र गणनाओ से भरा नहीं है बल्कि यह एक तार्किक दृष्टिकोण और निरंतर जिज्ञासु बने रहने की प्रवृति की ओर इंगित करता है। गणित में जितनी भी मुश्किल प्रश्नों की खोज की गई वह जिज्ञासु प्रवृति और तार्किक दृष्टिकोण के ही फलस्वरूप हुई है। असल मायनों में जब गणित को समझने की कोशिश की जाती है तब हम अपनी दैनिक जीवन में इसकी महत्ता को समझ पाते हैं। गणित के जरिए हम प्रकृति के कई गहरे रहस्यों को जान सकते हैं। प्रकृति को एक बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। कहा भी जाता है गणित ब्रम्हांड की भाषा है। प्रकृति के अनेक संकेतों में हमें गणित की झलक मिल जाती है। गणित जहां प्रकृति के संबंध को बताता है वहीं दूसरी ओर गणित आध्यात्मिकता में भी पीछे नहीं है। गणित की (3n+1) (Collatz Conjecture) समस्या जिसमें हमें अनेक संख्याएं मिलती हैं पर अंतिम संख्या के रूप में हमें 1 ही मिलता है। यदि इसे आध्यात्...